गांव सरना खेड़ी में   कार्डधारक के बयान दर्ज करते खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी। Safidon
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डिपो होल्डर पर लगे अप्रैल माह में पैसे लेकर राशन वितरित करने के आरोप

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – उपमंडल के गांव सरना खेड़ी के डिपो होल्डर द्वारा गांव के बीपीएल उपभोक्ताओं से पैसे लेकर राशन वितरण करने के आरोप लगाए हैं, जबकि सरकार द्वारा 3 माह अप्रैल,मई-जून के लिए बीपीएल एवं एएवाई कार्ड धारकों को फ्री में राशन देने के आदेश जारी किए गए थे। ऐसे में गांव के संजय गौतम द्वारा मामले की शिकायत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय जींद व  साथ ही 112 नंबर पर की गई थी। जिसके बाद शुक्रवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के जींद इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार, सफीदों इंस्पेक्टर अशोक कुमार, उप निरीक्षक आशीष एवं सुनील अपनी टीम के साथ गांव में पहुंचे और शिकायतकर्ता संजय के बयान दर्ज करने के साथ-साथ बीपीएल परिवारों के उपभोक्ताओं के बयान लिए हैं। जिसमें दर्जनभर लोगों ने अपने बयान बयानों में डिपो होल्डर पर तेल चीनी व अन्य राशन पुरा नहीं देने के भी आरोप लगाए हैं।

साथ ही शिकायतकर्ता संजय कुमार का कहना है कि उसके परिवार में 4 सदस्य हैं, लेकिन 2017 से उसे 3 सदस्यों का ही राशन डिपो होल्डर द्वारा दिया जा रहा है। जबकि उसके परिवार के एक सदस्य का कोई दूसरा संजय कुमार राशन कार्ड धारक फायदा उठा रहा है।  जिसके  राशन कार्ड में उसके सदस्य का नाम दर्ज है में दर्ज किया हुआ है। ऐसे में उसे पिछले 3 साल एक सदस्य का राशन नहीं मिला। डिपो होल्डर के साथ खाद्य आपूर्ति विभाग कार्यालय द्वारा भी यह काफी बड़ी गलती की गई है। जिसे ठीक कराने के लिए उन्होंने मामले की शिकायत के साथ अधिकारियों से उसके सदस्य का नाम ठीक कराने की भी अपील की है।

संजय गौतम का कहना है कि डिपो होल्डर द्वारा जो उन्हें राशन अभी अप्रैल माह में वितरित किया गया है, उसमें भी 1 किलो की बजाय 900 ग्राम दी गई है। जिसमें उनके कांटे में भी कहीं ना कहीं गड़बड़ी है।

इस मामले में गोविंद डिपो होल्डर  का राशन वितरण का कार्य संभाल रहे गोविंद के पिता सतपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। मार्च माह का राशन उनके पास 30 मार्च को आया था उन्हें लगा कि विभाग द्वारा यह राशन मार्च माह का भेजा गया है। जिसके चलते उन्होंने उपभोक्ताओं से पैसे ले लिए थे, लेकिन उन्हें जैसे ही बाद में पता चला कि यह राशन फ्री वितरण वाला अप्रैल माह का है उसके बाद उन्होंने सभी उपभोक्ताओं को भी लिए हुए पैसे ₹50-50 वापस कर दिए थे। साथ ही कहा कि संजय गौतम जो उन पर आरोप लगा रहा है कि उनका राशन उन्हें नहीं दिया जा रहा। वह जो ऑनलाइन पर्ची में जितने भी किलो की रसीद निकलती है, उसी हिसाब से उसको राशन दे दिया जाता है। उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम किसी दूसरे संजय मे नामक राशन कार्ड धारक में दर्ज है। यह विभाग की गलती है, उनकी नहीं गलती नहीं है।

ऐसे में सतपाल ने कहा कि वह विभाग की सभी प्रकार की जांच करवाने के लिए तैयार है। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक कृष्ण कुमार का कहना है कि उन्होंने दर्जनों बीपीएल एवं एएवाई परिवारों के मुखिया के बयान दर्ज कर लिए हैं। जिसकी रिपोर्ट तैयार करके डीएफएसओ को सौंप दी जाएगी। बयानों के आधार पर ही आगामी कार्रवाई उच्च अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

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