ग्रामीण महिलाओं को दो दिन का आश्वासन देते हुए अजित सिंह शेखावत।
Crime HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

हत्या करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर एएसपी से मिले गांव सिल्लाखेड़ी ग्रामीण

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – गांव सिल्लाखेड़ी मेें चार दिन पहले गोली मारकर युवक की हत्या करने के मामले में एक भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर ग्रामीणों भारी रोष है। मंगलवार को दर्जनों महिलाएं एवं पुरुष ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर डीएसपी कार्र्यालय पहुंच और उन्होंने एएसपी अजीत सिंह शेखावत से मिलकर आरोपियों की गिरफतारी की मांग की। परिजन रोहताश, दिल सिंह व मृतक के भाई अजय आदि सभी ग्रामीणों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि घटना को हुए चार दिन हो गए है। लेकिन अभी तक पुलिस द्वारा मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस हाथ-पर-हाथ धरे बैठी है। मामले में एएसपी सिंह शेखावत ने ग्रामीणों को दो दिन का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि दो दिन के अंदर-अंदर वह पूरे मामले का खुलासा करेंगे। इस दौरान एक बार तो महिलाएं गहमागहमी में हो गई थी, लेकिन एसपी के दो दिन के आश्वासन पर महिलाएं-पुरुष मान गए। एएसपी अजित सिंह ने कहा कि मैं भी यही हूं और आप भी। मुझे मामले में दो दिन ओर चाहिए। अगर दो दिन में मामले का खुलासा नहीं हो तो आप  मेरे पास चले आना। जिसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि अगर तीसरा दिन हुआ तो हम आपके कार्यालय के सामने आकर बैठ जाएंगे। 

सफीदों के डीएसपी कार्यालय के बाहर एएसपी से मिलने पहुंचे हुए ग्रामीण। 

यह कहकर ग्रामीण वापिस गांव चले गए। विदित रहें कि गांव सिल्लाखेड़ी के खेल स्टेडियम में 4 जुलाई को अल सुबह एक युवक का शव खून से लथपथ पड़ा मिला था।मृतक युवक पहचान गांव सिल्लाखेड़ी निवासी 24 वर्षीय अंकित उर्फ कीता के रूप में हुई। जिसके सिर पीछे गोली मारकर उसकी हत्या की गई थी।घटनास्थल पर आईपीएस अधिकारी अजीत सिंह शेखावत, एडिशनल एसएचओ छत्रपाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे और जींद से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल के डाक्टर के निरीक्षण के बाद पता चला था कि अंकित के सिर पर पिस्तौल लगाकर उसे गोली मारी गई है। पोस्टमार्टम के दौरान गोली मृतक की खोपड़ी से बरामद हुई थी। पुलिस ने मृत युवक के पिता करण सिंह की शिकायत पर गांव वासी दीपक व एक अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। मृतक अंकित के पिता करण सिंह ने पुलिस को बताया था कि उसका बेटा ट्रक ड्राइवर था। अंकित को 3 जुलाई की रात्रि उसका दोस्त दीपक व एक अन्य युवक करीब 8:30 बजे घर से बुलाकर ले गए थे। जिनके बुलाने पर अंकित उनके साथ चला गया था। रात को काफी देर तक अंकित के नहीं आने उन्होंने 10:30 बजे फोन भी किया तो फोन बंद था। परिजनों द्वारा आसपास उसकी तलाश की गई। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह अंकित का शव गांव के स्टेडियम में पड़ा मिला था।  करण सिंह कहा है कि दीपक ही बता सकता है कि उसके बेटे की हत्या किसने की है या फिर दीपक ने ही की है। दीपक शराब बेचने का काम करता था। 

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