बच्चों का एक साल खराब ना हो इसलिए स्कूल खुलवाने व अपनी मांगों को लेकर प्राईवेट स्कूल संचालकों से विधायक व एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

बच्चों का एक साल खराब ना हो इसलिए स्कूल खुलवाने व अपनी मांगों को लेकर प्राईवेट स्कूल संचालकों ने विधायक व एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – बच्चों का भविष्य खराब ना हो और ना ही प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरे इसलिए सफीदों प्राईवेट स्कूल संचालकों द्वारा स्कूल खुलवाने व अपने अन्य मांगों के नाम का एक ज्ञापन स्थानीय एसडीएम मनदीप कुमार व दूसरा विधायक सुभ्भाष गांगोली को सौंपा। जिसमें एसडीएम को शिक्षा मंत्री हरियाणा सरकार व विधायक को राज्यपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा गया है। इन कार्यक्रम की अध्यक्षता फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल सफीदों के प्रधान अरुण खर्ब द्वारा की गई। ज्ञापन में 10 मांगों के साथ डाउट क्लासेज की अनुमति मांगी गई है। इस दौरान हल्का प्रधान अरुण खर्ब ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाएं बिल्कुल नजदीक है और इस बार हरियाणा सरकार ने आठवीं की भी बोर्ड की परीक्षा की घोषणा की हुई है तथा दसवीं और बारहवीं की भी बोर्ड परीक्षाएं निश्चित समय पर होनी है। आनलाइन कक्षाएं देने का काम प्राइवेट स्कूल सुचारु रूप से कर रहे हैं, लेकिन बहुत से बच्चों व अभिभावकों के पास मोबाइल, लैपटॉप आदि नही है। जोकि आनलाइन शिक्षा को बेहतर तरीके से नही समझ पा रहे हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षाओं में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि प्राइवेट स्कूलों को डाउट कक्षाएं लगाने की अनुमति दी जाऐं। ताकि बच्चों का एक साल खराब ना हो।

सरकार की गाइड लाइन का दिया आश्वासन:-
प्राईवेट स्कूल संघ के जिला संरक्षक नरेश सिंह बराड़, स्कूल संचालक गुलाब सिंह किरोड़ीवाल, रोहताश चहल, विनोद कंसल,जयदेव रेढू,डा.ललित मनचंदा, राजेश बूरा, हरपाल, राजेश शर्मा, रणबीर कश्यप, अरुण गुप्ता, एसके भारद्वाज, अशोक शर्मा, हवा सिंह खेंची,विनोद शर्मा, अनिल खर्ब आदि न आश्वासन दिया है कि वे सरकार की गाइड लाइन के अनुसार जैसे सामाजिक दूरी, हर टीचर्स और छात्रों का टेम्परेचर नापना, बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराना, स्कूल सेनिटाइजेशन करना और उनके द्वारा सही तरीके से मास्क पहनना स्कूल द्वारा इन सभी चीजों का पूर्ण पालन किया जाएगा। शिक्षा की क्षति को रोकने के लिए डाउट कक्षाएं की अगर आप अनुमति देते हैं तो पूरे हरियाणा का शिक्षा समाज आपका आभारी रहेगा।

ये है प्राइवेट स्कूलों की राहत प्रदान करने वाले 10 मांगे:-
1- पिछले दो सालों की 134-ए की पेंडिंग राशि तुरंत जारी की जाए ताकि आर्थिक संकट के समय प्राइवेट स्कूल राहत महसूस कर सकें।
2- स्कूल बसों का वर्ष 2020-21 का पैसेंजर टैक्स माफ किया जाए, क्योंकि स्कूल बसे चल ही नही रही है और ना ही बच्चों से
  इस समय का बस किराया लिया जा रहा है।
3- नियमों में राहत देने का फैसला जो स्कूल प्रतिनिधियों और सरकार के मध्य तय हुआ है उसकी नोटिफिकेशन तुरंत जारी की जाए।
4-आर्थिक संकट से गुजर रहे स्कूलों को 2020-21 के लिए बिजली के बिल वास्तविक उपयोग के आधार पर लिए
  जाए ना कि एवरेज बिल के आधार पर।
5- प्राइवेट स्कूलों की प्लेज मनी को तुरंत स्कूलों को जारी कर दिया जाए, क्योंकि स्कूल आर्थिक संकट से गुजर रहे है और वह अपने
अध्यपकों को वेतन नही दे पा रहे है। क्योंकि यह राशि बैंकों में स्कूल संचालकों द्वारा ही जमा करवाई गई है।
6- प्राइवेट स्कूल जो एग्जिस्टिंग स्कूलों की सूची में शामिल होने से रह गए हैं और डीईओ और डीईईओ द्वारा उनकी अनुशंसा कर दी गई है
और यह मामले डायरेक्टरेट आफिस में पेंडिंग है उन्हें तुरंत एग्जिस्टिंग स्कूलों की सूची में शामिल कर नोटिफिकेशन जारी की जाए।
7- सरकार द्वारा 9वीं कक्षा व 11वी कक्षा के लिए निदेशालय से यह पत्र जारी किया गया है कि 31 दिसंबर तक राजकीय स्कूल
अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को दाखिला दे सकते है हमारा आपसे अनुरोध है की अराजकीय मान्यता प्राप्त (प्राइवेट) को भी समान रूप से 31 दिसंबर तक विद्यार्थियों को प्रवेश देने की अनुमति प्रदान की जाए
8- एनसीआर क्षेत्र में चलने वाले स्कूल बसों की अवधि जो 10 वर्ष है, उसे बढ़ाकर 11 वर्ष की जाए। क्योंकि इस वर्ष स्कूल बसे नहीं चली है।
9- लॉकडाऊन की अवधि की बसों की किस्तों व स्कूल लोन की किस्तों के ब्याज में छूट दी जाए व बसों के बीमों को एक साल बढ़ाया जाए।
10- स्कूल बसों की पासिंग जो पहले जिला स्तर पर होती थी अब उसे रीजनल क्षेत्र जिसकी दूरी 150 से 200 किलोमीटर की पड़ेगी, इसे दोबारा से जिला या खंड स्तर पर किया जाए।

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