Education HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव विषय पर किया ऑनलाइन संबोधित

VS News India | Sanjay Kumar | Safidon :-कोरोना महामारी के दौर में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्य स्तरीय महत्वाकांक्षी परियोजना बाल सलाह, परामर्श एवं कल्याण केंद्रों के अंतर्गत घर बैठे मनोवैज्ञानिक ऊर्जा प्रदान करने हेतु राज्य भर के बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों हेतु निरंतर वेबीनारों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज सफीदों उपमंडल के गांव बागडू कलां स्थित नेशनल स्कूल के फेसबुक पेज पर मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव विषय पर ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में शैक्षणिक संस्थाओं का बंद होना, बहुत से परिवारों में पनप रही आर्थिक विषमता, लॉकडाउन की पाबंदियां, होम आइसोलेशन, क्वारंटाइन, रिश्तों का आपसी परिस्थिति अनुरूप प्रभाव, काम करने, खेलने, विषयगत चर्चा का बढ़ता सीमित दायरा ऐसे बहुत से कारणों से मनोवैज्ञानिक चिंता, तनाव, अवसाद बढ़ रहा है। कहीं ना कहीं लोगों में बेचैनी, निराशा, हताशा, व्याकुलता, उदासी, अकेलापन, बढ़ रहा है।

Bajinder Saini EA3

ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझना होगा। यह एक सलामती की स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का एहसास रहता है, व्यक्ति जीवन में सामान्य तनाव का सामना कर सकता है, समाज के प्रति अपना भरपूर योगदान देने में सक्षम रहता है। हमें मनोवैज्ञानिक ऊर्जा अर्जित करनी होगी व अंदरूनी ताकत को जानना होगा। सकारात्मकता की यह भावना जीवन के प्रति व्यक्ति के दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल सकती है। इससे जिस क्षेत्र मे आप कार्यरत है उत्पादकता बढ़ती है व सफलता की संभावना अधिक होती है। उन्होंने कहा कि मनोस्थिति पर काम करते रहें, कोशिश करें आपका स्वभाव गुस्से से भरा ना हो।

Singhs Computer Education Assandh Ad

यदि आप क्रोध से बचे रहेंगे तो शरीर पर नकारात्मक प्रभाव कम होंगे और आपकी धैर्य, बुद्धि व संवेदनशीलता कायम रहेगी जिससे सफलता, प्रतिष्ठा एवं आपसी संबंधों में असरकारक प्रभाव नजर आएंगे। वर्तमान परिस्थितियों में अधिक समय घर पर बीत रहा है। इस समय में चाहिए कि खुद को नई रुचिकर चीजों से जुड़े, कुछ ना कुछ नया सीखने की कोशिश करें, किताबों से दोस्ती करें, बड़े बुजुर्गों से जीवन अनुभव सांझा करते रहें। प्रयास करें मन में उत्पन्न विचारों की एक डायरी लिखी जाए। इस मौके पर प्राचार्या उमा वर्मा, महिपाल चहल, यशपाल चहल, सोनू मलिक  व मलकीत सिंह भी मौजूद थे।

247
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published.