सुनील गहलावत
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

राष्ट्रवादी पत्रकारों को परेशान करने की साजिश :- सुनील गहलावत

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – जी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ केरल में FIR दर्ज की गई है इस बारे में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ अंबेडकर के राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता सुनील गहलावत ने कहा कि पत्रकार सुधीर चौधरी ने पिछले दिनों ऐसी कई घटनाएं उठाईं, जिनकी वजह देश में मजहबी कट्टरपंथियों की जड़ें हिल गईं. सुधीर चौधरी ने मजहबी कट्टरपंथ के हथियार बने जिहाद का मुद्दा उठाया था. जिसके कई रुप पिछले दिनों सामने दिखाई दिए. सच बोलने के कारण सुधीर चौधरी पर तमाम दबाव पड़े. उन्हें धमकियां तक दी गईं. लेकिन सुधीर चौधरी ने सच का साथ नहीं छोड़ा. लेकिन वामपंथी लॉबी ने ऐसी हरकत की है. जिसके बाद लगता है कि सच कहना और बताना तो गुनाह ही हो गया है. जिहाद का मुद्दा उठाने के लिए, जिहाद का सच बताने के लिए जी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ केरल में FIR दर्ज की गई है. इसकी जानकारी भी स्वयं पत्रकार ने खुद ट्वीट करके दी उन्होंने अपने पहले ट्वीट में कहा कि यह रहा मेरा पुलित्जर अवार्ड. केरल पुलिस ने मेरे खिलाफ गैरजमानती धारा में FIR दर्ज की है. शर्मनाक और असुविधाजनक तथ्यों को सामने रखने के लिए उन्हें एक्सपोज करने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है. सुनील गहलावत का कहना है कि इससे साफ होता है कि यह मीडिया को साफ संदेश देने की कोशिश है कि यदि आप धर्मनिरपेक्षता के दशकों पुराने छद्म और छल को सामने रखेंगे तो आप सलाखों के पीछे होंगे. पत्रकार ने सिर्फ DNA प्रोग्राम में दिखाई थी जिहाद की सच्चाई वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी के खिलाफ यह कार्रवाई मार्च में ब्रॉडकॉस्ट हुए DNA प्रोग्राम के कारण की गई है. इस कार्यक्रम उन्होंने जिहाद की सच्चाई सामने रखते हुए उसके कई प्रकार बताए थे. इसके ही आधार पर उन पर धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने का बेतुका आरोप लगाया गया है. पत्रकार ने अपने कार्यक्रम में वही दिखाया जो कि समाज में दशकों से हो रहा है. धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़कर राष्ट्रवाद को खामोश करने की कोशिश लगातार जारी है.
लेकिन एक पत्रकार को सत्य का साथ कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि मीडिया का राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान है
महाभारत में भी एक प्रसंग में विदुर कहते हैं कि सत्य केवल सत्य होता है. यही धर्म होता है. किसी भी तरह का कष्ट, आपत्ति या संकट आने के बाद भी सत्य को छोड़ा या अनदेखा नहीं किया जा सकता है. राजा के भय से या अत्याचारी के अत्याचार से भी डरकर सत्य को नहीं छिपाया या दबाया जा सकता है सवाल उठता है कि क्या पत्रकार को ही सच का हाथ छोड़ देना चाहिए. लेकिन फिर पत्रकार का धर्म कहां बच पाएगा.
इसलिए सुधीर चौधरी ने भी सत्य का साथ दिया है. इसलिए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया अंबेडकर उनके सदस्य पत्रकार के साथ खड़े हो गए हैं. अपनी पार्टी की की तरफ से मांग करते हैं पत्रकार बंधुओं के लिए सरकार एक कानून लेकर आए कि बगैर किसी जांच के उनके खिलाफ कोई एफ आई आर दर्ज ना हो

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