राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में 4 महिनें 11 दिनों से अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में 4 महिनें 11 दिनों से अध्यक्ष व सदस्यों के पद खाली

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में पिछले 4 महीने 11 दिनों से चेयरमैन तथा सदस्यों के पद खाली पड़े हुए हैं इस बात पर चिंता करते हुए आरपीआई ए पार्टी के राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता सुनील गहलावत ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में पिछले 4 महीने 11 दिनों से अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति ना होना चिंता का विषय है तथा इससे सरकार की अनुसूचित जाति विरोधी मानसिकता साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह हरियाणा में भी आयोग के गठन के बारे में विधानसभा में राज्य अनुसूचित जाति आयोग का प्रस्ताव तथा गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है तथा इस बारे में एक हरियाणा सिविल सेवा के अधिकारी को सदस्य सचिव के तौर पर भी नियुक्त किया गया है लेकिन इसमें भी आज तक अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई है.। गहलावत ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 में प्रावधान है कि केंद्रीय सरकार देश में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की स्थापना करेगी जिसमें एक चेयरमैन व बाकी सदस्य होंगे । इसी तरह से राज्य भी इस प्रावधान के तहत अपने राज्य में अनुसूचित जाति आयोग का गठन कर सकेंगे। गहलावत ने कहा कि चेयरपर्सन में सदस्यों की नियुक्ति न होने से आयोग में दलितों के खिलाफ अत्याचार से संबंधित शिकायतों का अंबार लग गया है उन्होंने कहा कि इस समय भी आयोग के समक्ष कम से कम 40000 शिकायतें लंबित हैं तथा पूरे देश से हर रोज 90 से 100 शिकायतें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति शिकायत आयोग में आती हैं लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है जिससे दबे-कुचले लोगों की उम्मीदें बंद हैं । 31 मई से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य सभी के पद खाली हैं. इसके सदस्यों को सिविल कोर्ट की पावर होती है, इसलिए प्रताड़ना के मामलों में इस वर्ग के लोगों को यहां से फौरन न्याय मिल जाता है. लेकिन आयोग में इन दिनों सिर्फ अधिकारियों का राज है, जिनके पास न तो अधिकार हैं और न अनुसूचित जाति के लोगों को न्याय दिलाने की मानसिकता है।
गहलावत ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग अपने उत्पीड़न के खिलाफ काम करने वाली सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था में तब फरियाद करते हैं जब सिस्टम से विश्वास उठ जाता है. जब पुलिस प्रशासन सब भेदभाव करने लगते हैं, लोकसेवक अपने कर्तव्य का पालन नहीं करते तब भी लोग इस आयोग से उम्मीद रखते हैं. आज के हालात में आयोग में सबसे बड़ी हैसियत में उसके सचिव हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब सरकार तथा पुलिस दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं करती है तब लोगों को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से ही उम्मीदें होती हैं सुनील गहलावत ने कहा कि वह केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में योग्य व दलित समाज के प्रति दर्द महसूस करने वाले अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति करे तथा उन्होंने हरियाणा में भी खट्टर सरकार से मांग की कि हरियाणा में भी तुरंत हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग में अध्यक्ष तथा सदस्यों की भर्ती की जाए तथा उन्हें अत्याचार रोकने के लिए फ्री हैंड दिया जाए।
भारत के प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति महोदय को भी इसके लिए पत्र लिखा।

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