सफीदों के सिंघपुर गांव मे विकसित सुंदर शमशान मे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ केंद्रिय टीम के सदस्य
HARYANA KHAS KHABAR SAFIDON VS NEWS INDIA

ओडीएफ-प्लस मे सिंघपुरा की पंचायत आगे केंद्रिय टीम ने किया निरिक्षण

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – सफीदों, भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत ओडीएफ का दर्जा लेने के बाद ओडीएफ-प्लस के लिए सफीदों उपमण्डल के गांव सिंधपुरा की ग्राम पंचायत नेतेवाला व डिंडोली गावों के साथ जिला भर मे अग्रणी है। यहां बता दें कि सिंघपुरा व डिंडोली मे ऐसी उपलब्धि महिला सरपंच लक्ष्मी व सोनम ने हासिल की है। आज सिंघपुरा मे मिनी खेल स्टेडियम, स्कूल, शमशान स्थल, आंगनवाड़ी तथा दलित बस्तियों आदी मे गंदे पानी की निकासी व स्वच्छता का निरिक्षण केंद्रिय जल शक्ति मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ने किया जिसमे मंत्रालय के निदेशक महेश ठाकुर व मंत्रालय मे ठोस एवम द्रव कचरा प्रबंधन के विशेषज्ञ प्रवीण भारद्वाज शामिल थे। निरिक्षण मे इस टीम का साथ  जिला के नरेगा प्रभारी सुरेश ढांढा व खण्ड समन्व्यक  अनिलकुमार ने दिया। इसके बाद डीआरडीए हाल मे आयोजित बैठक मे विशेषकर सिंघपुरा व नेतेवाला की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए अन्य गावों के प्रचायत प्रतिनिधियों को ठाकुर ने सिंघपुरा की महिला सरपंच लक्ष्मी सैनी व नेतेवाला के सरपंच कृष्णकुमार से प्रेरणा लेने की बात कही। इसके बाद फोन पर बात करते हुए मंत्रालय के ठोस एवम द्रव कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि हरियाणा के ओडीएफ हो जाने के बाद यहां ओडीएफ-प्लस का दर्जा लेने का पांच वर्षीय अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों मे ठोस एवम द्रव कचरा प्रबंधन, स्कूलों व आंगनवाडिय़ों मे शोचालयों की व्यवस्था तथा गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था को उपलब्धियों का पैमाना लिया गया है और इस अभियान की एक वर्ष की अवधि के भीतर ही जिला जींद के सात गांव ओडीएफ-प्लस हो चुके हैं। अपने गांव के शमशान के सौन्दर्यकरण मे राज्य भर मे अग्रणी सिंघपुरा की महिला सरपंच लक्षमी सैनी का कहना है कि उनके गांव मे गुरूद्वारा अनूठी ऐतिहासिक धरोहर है और उनका लक्षय गांव को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित करने का है। लक्ष्मी की नजर मे उनका गांव भले लोगों का गांव है जहां विकास के साथ साथ आपसी भाईचारे को कायम रखने मे उन्हें लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। वह अपने गांव के ऐतिहासिक विकास का श्रेय प्रशासनिक अमले के साथ साथ अपने पति समाजसेवी सुभाष सैनी को देते हुए कहती हैं कि यह उन्हीं के व्यवहार व मेहनत के कारण है कि ग्रामीण गांव के विकास की हर परियोजना मे सक्रिय भागीदार रहे।

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