रोष जाहिर करते हुए प्रधान अनुज मंगला व सचिव राकेश गोयल। 
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

गेंहू का भुगतान ना होने को लेकर किसानों व आढ़तियों में व्याप्त रोष 

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – सरकार द्वारा खरीदी गई गेंहू की फसल की पेमैंट आजतक भी ना होने से यहां के आढ़तियों व किसानों में भारी रोष व्याप्त है और उन्होंने अपना रोष जाहिर किया है। पत्रकारों के सामने रोष जाहिर करते हुए कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान अनुज मंगला व सचिव राकेश गोयल ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि आढ़तियों व किसानों को गेंहू खरीद के 20 दिन बाद भी भुगतान नहीं मिला है। कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन की वजह से आढ़तियों व किसानों ने सरकार की गलत नीतियों के विरोध में कोई बड़ा आंदोलन नहीं किया। उसी का फायदा उठाकर सरकार बार-बार आढ़तियों से बैठकें  करके उन्हे झूठे आश्वासन देती रही। इस कोरोना आपातकाल का सरकार फायदा उठाकर आढ़ती और किसान पर अपनी दमनकारी नीतियां लागू करने मे कामयाब रही। उन्होंने कहा कि सरकार जिस ई-खरीद पोर्टल पर भरोसा कर रही है, वह पोर्टल आज भी आधा-अधूरा है। सरकार ने किसानों को भुगतान के लिए एक नया सिस्टम इजाद किया है, जिसके अनुसार आढ़तियों ने किसानों को ई-खरीद पोर्टल द्वारा जो भुगतान करना है, वह पहले दा हरियाणा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी चंडीगढ़ से एक प्राइवेट बैंक में जा रहा है। फिर इस बैंक से किसानों के खाते में भुगतान कब जाएगा, यह किसी भी किसान व आढ़ती को पता नहीं है। आढ़ती व किसान को यह भी डर है कि यह भुगतान कहीं बीच में ही अटक ना जाए और यह किसान के खाते में नहीं जाकर कहीं ओर चला जाए। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को सरकार ने लिखित में आदेश जारी किए थे कि आढ़ती अपना एडवांस काटकर 72 घंटे के अंदर-अंदर आर.टी.जी.एस. के द्वारा किसान को भुगतान करेगा। जब आढ़ती किसान के खाते में सीधे आर.टी.जी.एस. करने के लिए तैयार है तो बीच में एक प्राइवेट बैंक का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। पिछले 70 वर्षों से आढ़ती किसान को उसकी फसलों का पूरा भुगतान दे रहा है और किसी किसान की आज तक कोई शिकायत नहीं है फिर इस बार आढ़ती और किसान को तंग करने के लिए यह नया सिस्टम क्यों लागू किया गया है। सरकार ने सीमांत क्षेत्र के किसानों की गेहूं खरीदने बारे अपने लिखित आदेशों के बावजूद उनकी खरीद शुरू नहीं की गई है। मंडियों में उठान सिस्टम बेहद लचर है। सरकार अपने थोड़े से लालच के लिए गेहूं परिवहन का ठेका बाजार भाव से कम दर पर ऐसे ठेकेदारों को दे देती है जिनके पास अपना ट्रक तक नहीं है। भुगतान नहीं मिलने व अन्य दिक्कतों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 17 मई तक सरकार ने गेहूं का भुगतान नहीं किया तो वह 18 मई से राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने बताया कि सफीदों मंडी के आढ़ती भारतीय किसान यूनियन के इस आंदोलन का समर्थन करती है। जब तक यह आंदोलन चलेगा तब तक आढ़ती किसानों के साथ डटे रहेंगे। 

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