सफीदों में पत्रकारों को संबोधित करते हुए हरियाणा गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग।
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गौसेवा के लिए बजट में 50 करोड़ का प्रावधान होगा मील का पत्थर साबित: श्रवण कुमार गर्ग

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण कुमार गर्ग ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा बजट में गौसेवा के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान करने को मील का पत्थर करार दिया है। सफीदों स्थित अपने कैंप आफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि मनोहर सरकार गौ संवर्धन के प्रति बेहतरीन कार्य कर रही है। अभी हाल ही में हरियाणा गौसेवा आयोग में पंजीकृत सभी गौशालाओं के लिए बिल पर प्रति यूनिट 2 रुपए की घोषणा की है। इसके अलावा बजट में प्रदेश में जीरो बजट, प्राकृतिक व जैविक खेती से भी गौशालाओं को जोडऩे की घोषणा की गई है। मनोहर सरकार के इन निर्णयों से प्रदेश की गौशालाओं को निश्चित तौर पर फायदा पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए बिजली यूनिट दो रूपए करने की घोषणा से जो भी बचत होगी वो राशि हरियाणा गौसेवा आयोग गोवंश के चारे में खर्च करेगा। गौसेवा और संवर्धन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है वो इसकी खुद मॉनिटरिंग कर रहे है। हरियाणा सरकार ने गौवंश की दशा सुधारने के लिए योजनाएं बनाने के साथ-साथ गौहत्या व तस्करी पर रोक लगाई और कई कड़े कानून बनाएं।

इन्ही योजनाओं को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार ने गौवंश के रखरखाव, चारे, पानी, शेड निर्माण व मशीनरी इत्यादि के लिए लगभग 100 करोड रुपए की सहायता राशि गौशालाओं को प्रदान की जा चुकी है। उसी का परिणाम है कि प्रदेश में गौशालाओं की संख्या 325 से बढ़कर 650 हो चुकी है और इनमें साढ़े चार लाख गौवंश निवास कर रहा है। इसके अलावा सड़कों से बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रयस्थलों में पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। गौशालाओं को आधुनिक बनाने के लिए उनमें सोलर प्लांट व बायोगैस प्लांट आदि स्थापित कराने का कार्य तेजी से चल रहा है। गौशालाओं के स्वावलंबन व नस्ल सुधार को लेकर उनमें गौ उत्पाद तैयार करने पर विशेष तौर पर बल दिया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने देशी गोवंश नस्ल सुधार के लिए फीमेल सेक्स शॉर्टेड सीमन भी उपयोग के लिए पशुपालन विभाग में उपलब्ध करवाया है और इसकी कीमत मात्र 200 रूपए रखी गई है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने एक हजार रूपए की विशेष सब्सिडी भी प्रदान की है। इस सीमन के उपयोग से लगभग 85-90 प्रतिशत बछडियां ही पैदा होंगी। यह बछड़ी जब गाय बनेगी तो करीब 8 से 10 किलो दूध देगी और दूध की आमदनी से गौशालाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ होंगी।

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