HARYANA JIND VS NEWS INDIA

अग्रिशमन सुरक्षा सप्ताह के तहत शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया


VS News India | Jind :-जींद अग्रिशमन सुरक्षा सप्ताह के तहत शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान फायर अधिकारियों ने डेमो के माध्यम से आग बुझाने के अलग-अलग उपायों के बारे में स्वास्थ्यकर्र्मियों को जानकारी दी। अस्पताल में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों को कैसे प्रयोग में लाए जाए, इसके बारे में बताया गया। कार्यशाला में एमएस डा. गोपाल गोयल, डिप्टी  एमएस डा. राजेश भोला व फायर सेफ्टी अधिकारी मौजूद रहे। फायर विभाग के एडीएफओ सत्यवान सामरीवाल ने कहा कि हर किसी को फायर सेफ्टी उपकरणों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। अस्पताल में उपकरण तो लगाए गए हैं लेकिन यदि हमें इन उपकरणों को चलाने की कोई जानकारी न हो तो यह उपकरण जरूरत पडऩे पर हमारे लिए कोई काम नहीं आएंगे। ऐसे में हर स्टाफकर्मी को फायर सेफ्टी उपकरणों का प्रयोग करने की जानकारी अवश्य रखनी चाहिए। एफएसओ भूप सिंह ने बताया कि आग लगने पर सबसे पहले फायर अलार्म को सक्रिय करें। फिर आग-आग चिल्ला कर आमजन को सचेत करें।

आग लगने पर लिफ्ट का प्रयोग न करें। धुएं से घिरे होने पर अपने नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढक लें। एएफएसओ सुनील वर्मा ने बताया कि आग लगने पर तुरंत 101/112 नंबर पर फोन करें। अगर आप धुएं से भरे कमरे में फंस जाएं और बाहर निकलने का रास्ता न हो तो दरवाजे को बंद कर लें और सभी दरारों और सुराखों को गीले तौलिये या चादरों से सील कर दें जिससे धुआं अंदर न आ सके। एमएस डा. गोपाल गोयल ने कहा कि आग शुरू में हमेशा हल्की होती है। उसे उसी समय रोक देना बेहतर है  लेकिन अक्सर उस वक्त हम घबरा जाते हैं और कोई कदम नहीं उठा पाते हैं। इसका मतलब यह है कि फायर सेफ्टी उपकरण तो लगे हैं लेकिन हम उनका प्रयोग करना नहीं जानते।

ऐसे में जरूरी है कि हम आग से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें। आग कैसे बुझानी है, एक-दूसरे को कैसे बचाना है, इन सबके लिए सभी को प्रैक्टिस जरूर करनी चाहिए। डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि हमे फायर सेफ्टी उपकरणों की जानकारी होनी चाहिए। अगर आग आपकी अपनी इमारत में लगी है और आप अभी फंसे नहीं हैं तो पहले बाहर आएं और वहीं रूक कर 101 नंबर पर अग्निशमन सेवा को घटना की सूचना दें। इमारत में लगे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, पानी के स्त्रोत, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और अग्निशामक यंत्रों को चलाने की जानकारी रखें ताकि जरूरत के समय इनका प्रयोग किया जा सके। इस मौके पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी आग बुझाने को लेकर डेमो करके देखा।

104
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *