HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

पिता के अंतिम दर्शन नहीं करपाई तो, करीब डेढ़ घंटे ऑनलाइन रहकर विदेश बैठी बेेटी ने अंतिम यात्रा देख दी सूबेदार पिता को श्रद्धांजलि

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – उपमंडल के गांव धर्मगढ़ में शुक्रवार को एक बेटी ने विदेश बैठकर अपने पिता की अंतिम यात्रा देखने के लिए करीब डेढ़ घंटे ऑनलाइन रहना पड़ा। नम आंखों से बेटी नवप्रीत कौर ने अपने पिता की राजकीय सम्मान के साथ हो रहे संस्कार के दौरान उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांव में उपस्थित नवप्रीत कौर के भ्भाई रोबिन प्रीत सिंह ने भी विशाल हृदय के साथ कनेडा देश में बैठी अपनी बहन को पिता की अंतिम यात्रा ऑनलाइन दिखाई। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के अहमदनगर हेडक्वार्टर में 74 आम्र्मड् सेना में कार्यरत नायब सूबेदार दिलबाग सिंह की ह्रदयगति रुकने से 15 जुलाई की सुबह मौत हो गई। जिसका पार्थिव शरीर शुक्र्रवार को गांव पहुंच और उनका सेना गार्द द्वारा राजकीय सम्मान के अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जेसीओ खुशिहाल राज भर, नायक सतनाम सिंह व हवलदार हरपिंदर सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी। उनकी अंतिम यात्रा में सफीदों पूर्व विधायक जसबीर देसवाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र घणघस व सरपंच अजीत पाल च_ा के साथ सैकड़ों गणमान्य उपस्थित रहें। 

चचेरे भाई फौजी लखविंद्र सिंह ने बताया कि दिलबाग सिंह 74 आर्म्ड सेना में 1995 में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उनकी पोस्टिंग महाराष्ट्र के अहमदनगर सेना हेडक्वार्टर में थी, जहां पर वह ट्रेनर के रूप में कार्यरत थे। करीब दो साल उसकी पदौन्नति होकर नायब सूबेदार बने थे। 
दिलबाग सिंह के पार्थिव शरीर के साथ आए उनकी यूनिट से नायक सतनाम सिंह ने बताया कि सुबह की परेड के दौरान दिलबाग सिंह अचानक जमीन पर गिर पड़े थे। जहां से उनको नजदीकि अस्पताल में भेजा गया। डॉक्टरों ने दिलबाग सिंह को मृत घोषित कर दिया। सतनाम ने बताया कि दिलबाग सिंह की मौत ह्रदयगति रुकने से हुई है। जिसकी सूचना 16 जुलाई को परिजनों को सूचना दे दी गई थी। दिलबाग सिंह का पार्थिव शरीर को 17 जुलाई उनके पैतृक गांव धर्मगढ़ में 5 बजे राजकीय सम्मान के साथ सलामी देकर किया गया है। सेना के जेसीओ खुशिहाल राज भर की अगुवाई में मातमी धुन बजा कर व हवाई फायर करके अंतिम संस्कार किया गया। जेसीओ खुशिहाल राज भर, नायक सतनाम सिंह व हवलदार हरपिंदर सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित करके श्रृद्धांजलि दी। 

पूर्ण सिंह ने तीनों बेटों जीते जी गवायां:-
करीब 85 वर्षीय पूर्ण सिंह ने अपने जीते जी तीनों बेटों को गवां दिया। पूर्ण सिंह के तीन बेटे थे। जिसमें पहला करीब 27 साल की उम्र में बीमारी के कारण गुरुविंद्र की सन 2006 में मौत हो गई। ऐसे में पिता अपने जवान बेटा का गम बुला नहीं सके थे कि सन 2014 में हरियाणा पुलिस में कार्यरत दूसरे बेटे एएसआई दलविंद्र सिंह की भी ह्रदयगति रुकने से मौत हो गई। जोकि अपने पीछे अपनी पत्नी और एक लड़का-लड़की छोड़ गए थे। लेकिन अब उसके तीसरे बेटे दिलबाग सिंह भी अपने पीछे पत्नी व एक लड़का-लड़की छोड़ गए है। इस गम में बुजुर्ग माता गुरबचन कौर व पिता पूर्ण सिंह नम आंखों से गहरे सदमे में है। 

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