सफीदों के गांव करसिंधु की छात्रा का रोल नम्बर, जिसका सेंटर उचाना के करसिंधु बनाया गया है।
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

सफीदों के बच्चों को धकेला उचाना

VS NEWS INDIA | REPORTER – SANJU | SAFIDON : – बोर्ड की परीक्षा से पहले बच्चों के लिए सेंटर तक पहुंचना ही दुविधा बन गया है। शिक्षा विभाग द्वारा आवंटित सेंटरों के अनुसार सफीदों के गांव करसिंधु के राजकीय स्कूल के बच्चों का सेंटर उचाना में दे दिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा सेंटरों की जारी की गई से बच्चे ही नहीं, उनके अभिभावकों के साथ स्कूल मुखिया भी परेशान हैं । कि बच्चों समय पर सेंटर तक कैसे पहुंचाया जा सकेगा। इस बार सफीदों में सेंटरों संख्या दस से कम कर आठ कर दी गई है। जिसमें शहर में स्थित सुरक्षित सेंटरों को तोड़ कर अति सवेंदनशील सेंटरों पर बच्चों की संख्या बढ़ा दी गई है। हाट गांव स्थित राजकीय विद्यालय में बना सेंटर अति सवेंदनशील सेंटर है। लेकिन विभाग ने उसी स्कूल में दो सेंटर आवंटित कर दिए हैं। जबकि गांव रामपुरा स्थित बीएसएम व शहर स्थित सरस्वती स्कूल के सुरक्षित सेंटर को तोड़ दिया गया है। 
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हाट स्कूल के प्राचार्य ने सेंटर तोड़ने के लिए शिक्षा विभाग को लिखा पत्र 
हाट स्थित राजकीय विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार ने विद्यालय में बनाये गए सेंटरों को तोड़ने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि विद्यालय में कमरों की कमी व केंद्र का अति सवेंदनशील बताते हुए एक केंद्र बी-1 को तोड़ने की निवेदन किया है। खंड शिक्षा कार्यालय द्वारा पत्र को ईमेल की सहायता से सहायक सचिव हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी को भेज दिया है। 
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सफीदों में कहाँ- कहाँ बने सेंटर :-

3 मार्च से शुरू होने वाली दशवीं व बारहवीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाओं के लिए सफीदों में इस वर्ष कुल आठ सेंटर बनाये गए है। जिनमें गांव हाट में दो सेंटर, एक सेंटर सफीदों स्थित राजकीय विद्यालय, एक सेंटर सफीदों के कन्या विद्यालय में, एक सेंटर गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल सफीदों, एक गांव सिंघाना व एक सेंटर गांव मुआना के राजकीय स्कूल में बनाया गया है। 
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इस विषय पर प्राइवेट स्कूल संघ के हलका अध्यक्ष अरुण खर्ब ने बताया कि सेंटर तक पहुंचने में बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि 15 से 17 किलो मीटर की दुरी स्थित गांवों के बच्चों को भी शहर में पहुंचना पड़ेगा। ऐसे में गांव के राजकीय स्कूलों के पास तो ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी नहीं हैं ऐसे में ज्यादा दुरी का सफर तय करने दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 
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इस मामले में जब कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी एवं करसिंधु के प्राचार्य डॉ नरेश वर्मा ने बताया कि उनके स्कूल का तीसरी बार उचाना के करसिंधु गांव में सेंटर आवंटित कर दिया गया है। ऐसे में उन्हें हर वर्ष सेंटर को बदलवाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ने कहा कि गांव हाट स्कूल के प्राचार्य द्वारा लिखे पत्र को बोर्ड में भेज दिया गया। अगर किसी अन्य स्कूल का मुखिया भी किसी प्रकार की परेशानी खंड शिक्षा कार्यालय में लिख कर भेजता है तो उस पर पूरा संज्ञान लेकर समस्या को बोर्ड तक पहंचाया जाएगा।

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