मारिया फरार नाटक प्रदर्शित करते हुए कलाकार
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

नारी उत्पीडऩ पर आधारित मारिया फरार नाटक मंचित

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – रास कला मंच व हरियाणा कला परिषद के संयुक्त तत्वावधान में नगर के रामलीला मैदान में चल रहे तीसरे सर्पदमन नाट्य उत्सव के दूसरे दिन नारी उत्पीडऩ पर आधारित मारिया फरार नामक नाटक का जबरदस्त मंचन किया गया। यह नाटक बर्टोल्ट ब्रैकेट द्वारा लिखी गई कविता मारिया फरार पर आधारित है, जोकि पहले विश्वयुद्ध के उपरांत जर्मनी में मारिया फरार नामक एक नाबालिक लड़की से सामूहिक बलात्कार व उत्पीडऩ की कहानी है लेकिन निर्देशक रवि मोहन भारद्वाज ने इसे भारत की निर्भया से लेकर गुड्डी व मासूम आदि अनेकों लड़कियों के साथ हुए दुराचार के साथ जोडऩे का सफल प्रयास किया। दूसरे दिन बतौर मुख्यातिथि उपपुलिस अधीक्षक चंद्रपाल सिंह व विशिष्टातिथि के तौर पर समाजसेवी रामेश्वरदास गुप्ता ने शिरकत की। अपने संबोधन में मुख्यातिथि उपपुलिस अधीक्षक चंद्रपाल सिंह ने कहा कि कला और कलाकार समाज का आईना होते हैं। कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराईयों और समस्याओं को प्रदर्शित करते हैं और समाज को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। उसी कड़ी में रास कला मंच बेहतरीन कार्य कर रही है। गौरतलब है कि मारिया फरार नाटक को रास कला मंच के कलाकार विवेक मिश्रा द्वारा लिखा गया है। इस शानदार मंचन में दिखाया गया कि किस तरह से नाबालिक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने के पश्चात वह गर्भवती हो जाती है लेकिन फिर भी बार-बार उसका उत्पीडऩ किया जाता है। जब वह मां बनती है तो उसे बच्चे की देखभाल नहीं करनी आती और बच्चा मर जाता है। उसके पश्चात उसे पुलिस गिरफ्तार कर लेती है लेकिन वहां पर भी उसका उत्पीडऩ नहीं रूकता। उसे मारापीटा जाता है व बार-बार परेशान किया जाता है। जहां पर उसकी पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो जाती है। नाटक में दिखाया गया कि उस लड़की की मौत के पश्चात कुछ दिन अखबारों में हेडलाइन छपती हैं, टीवी चैनलों पर चर्चा होती है और कुछ लोग मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकालते हैं। फिर कुछ समय पश्चात कहीं किसी और लड़की के साथ दुष्कर्म हो जाता है। लोग कुछ दिन चर्चा करते हैं, मार्च निकालते हैं और फिर भूल जाते हैं कि अभी कुछ दिन पहले क्या हुआ था। सब भूलकर लोग अपने-अपने कार्यों में व्यस्त हो जाते हैं। नाटक में दिखाया गया कि कुछ लोगों की विकृत मानसिकता की वजह से आज भी बेटियां घर से निकलने में सुरक्षित महसूस नहीं करती है। हम सभी को मिलकर इस तरह की विकृत मानसिकता वाले लोगों को बदलना होगा। नाटक के प्रदर्शन के दौरान उपस्थित दर्शक भावुक हुए बिना नहीं रह सके। कार्यक्रम के उपरांत अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अरविंद शर्मा, सुरेश गुप्ता, डा. कृष्ण भट्टी, रवि थनई, कविता शर्मा, अमित मंगला, गौरव थनई, अखिल गुप्ता, मुकेश थनई व वीरेंद्र मुदगिल सहित काफी तादाद में लोग मौजूद थे। 

626
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *