नई अनाज मण्डी सफीदों में हड़ताल पर बैठे नारेबाजी करते हुए आढ़ती
HARYANA KHAS KHABAR SAFIDON Virodh VS NEWS INDIA

ऑनलाईन प्रक्रिया लागू करने के विरोध में हड़ताल पर रहे आढ़ती 

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : –सफीदों अनाज मंडी में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में मंगलवार को आढ़ती एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे। हड़ताल की अध्यक्षता कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान शिवचरण कंसल ने की। मंगलवार सुबह अपनी मांगों को लेकर अपनी-अपनी दुकानें बंद करके मण्डी में शैड के नीचे हड़ताल पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं आढ़तियों ने हाथों में बैनर उठाकर सरकार विरोधी मार्च भी निकाला। अपने संबोधन में प्रधान शिवचरण कंसल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने करनाल, सोनीपत, दादरी व सफीदों को मॉडल मण्डी घोषित किया है। जिसमें से करनाल, सोनीपत व दादरी तीन मण्डियों को तो होल्ड पर रख लिया गया है और इस फैसले को सफीदों मण्डी पर सबसे पहले थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सीजन नजदीक आता है सरकार की नीतियों के कारण सभी आढ़तियों मे बेचैनी व अपने व्यापार के प्रति असुरक्षा की भावना बढ़ती जाती है और यह सिलसिला पिछले 4 वर्षों से ऐसे ही चल रहा है। 13 जनवरी 2019 व 25 मार्च 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आढ़तियों की सभी मांगे मानते हुए कहा था कि आढ़तियों का व्यापार पहले कि तरह ही चलेगा, परन्तु वे अपने वादे पर खरे नहीं उतर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खरीदी गई गेहूं की देरी से भुगतान पर मुख्यमंत्री व सरकार के उच्च अधिकारयों ने आढ़तियों को ब्याज देने का वायदा किया था, परन्तु बार बार डिमांड के बावजूद अभी तक ब्याज नहीं दिया गया है। अन्य राज्यों के किसान जो वर्षों से हरियाणा की मंडियो मे लेनदेन करते है व अपनी फसलें भी हरियाणा में ही बेचते है, मुख्यमंत्री ने इस पर भी अपनी सहमति दी थी। सीएम के आश्वासन के बावजूद निर्यातकों पर फंसे भुगतान को निकलवाने के लिए पुलिस प्रशासन का कोई सहयोग आढ़तियों को नहीं मिल रहा है, जबकि डिफाल्टर एक्सपोर्टर कोर्ट से पीओ हो चुके हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आश्वासन दिया था कि अपनी फसल अपना ब्यौरा पोर्टल का इस्तेमाल केवल प्राकृतिक आपदा में किसानों को मुआवजा निर्धारित करने या सरकारी आंकड़े इक_ा करने में किया जाएग परन्तु मार्किटिंग बोर्ड के सचिव अभी से आढ़तियों पर दबाव बना रहे है की जमींदार के जे फार्म इस पोर्टल से ऑनलाइन बनाएंगे। उन्होंने कहा कि मंडियों मे परमल धान की आवाक बढ़ गई है। सरकारी आदेशानुसार किसान धान की बिजाई 15 जून से करते है। आजकल ज्यादातर धान के बीज 90 दिन की वैराइटी के है जो 15 सितम्बर तक पककर तैयार हो जाते हैं। किसान व आढ़ती हर बार सरकार से मांग करते है की धान की सरकारी खरीद 15 -20 सितम्बर से शुरू होनी चाहिए, जिससे किसान का कोई नुकसान नहीं हो, परन्तु दु:ख की बात है कि अभी तक सरकार कही भी खरी नहीं उतर रही है और ना ही सरकार किसी मुद्दे पर बात करना चाहती है। परिणामस्वरूप आढ़तियों को आज यह हड़ताल करनी पड़ रही है और साथ ही यह भी कहा कि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। 
फोटो कैप्शन : नई अनाज मण्डी सफीदों में हड़ताल पर बैठे नारेबाजी करते हुए आढ़ती।

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