सफीदों कोर्ट में जुम्मादीन को पेश करने के बाद रिमांड पर लेकर जाती पुलिस। 
Crime HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

अपने ही पांचों बच्चों को मारने वाले पिता जुम्मा को पुलिस ने कोर्ट में पेश करके लिया तीन के रिमांड पर

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – गांव डिडवाड़ा में अपने ही पांचों बच्चों को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी पिता जुम्मा को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे   एसडीजेएम अजय कुमार घणघस की अदालत द्वारा पुलिस पूछताछ के लिए तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस द्वारा तीन दिन का रिमांड  लेने की मुख्य वजह सिर्फ पांचों बच्चों की हत्या के मुख्य कारण जानना है। क्योंकि अब-तक की पूछताछ में जुम्मा पुलिस को गुमराह  कर रहा है। जिसमें वह भी हत्या के कारण अपने बच्चों का पालन-पोषण करने मेें असमर्थ महसूस करना, तो कभी तांत्रिक के कहने पर बच्चों की हत्या करने की बात कबूल रहा है। ऐसे में पुलिस के लिए इस मामले के असली कारण जानना बहुत जरूरी है। इसलिए कोर्ट से तीन दिन का रिमांड मांगा गया है। साथ ही रिमांड के दौरान वारदात की रात प्रयोग की गई बाइक को बरामद किया जाएगा। 

पुलिस के सामने आरोपी पिता जुम्म्मा ने कबूल किया है कि सन 2012 में उसने अपनी पहली लड़की जो कि सिर्फ 9 माह की थी, जब उसकी पत्नी ने उसे दुध पिलाने के बाद उसे सुलाने के लिए दिया तो उसने अंदर कमरे में जाते ही उसका मुंंह दबा दिया था। जिसके बाद पत्नी से कुछ नहीं कहा और उसकी पत्नी रीना ने कुछ देर के बाद बच्ची को देखा तो लड़की मरकर नीली पड़ी हुई थी। 
वहीं उसके बाद सन 2016 में अपने चार साल के लड़के आरयन को दिन में तीन बजे पानी में मिलाकर सल्फास खिला दी और जिसके बाद जब उसे उलटी-दस्त लगने लगे, जुम्मा व परिजनों द्वारा सफीदों के निजी अस्पताल लाया गया। जहां से खानपुर रेफर किया गया तो रास्ते में ही आरयन की मौत हो गई। फिर सन् 2019 में अपने तीन साल के लड़के नबी को भी ठीक उसकी प्रकार सल्फास खिलाकर मार डाला।  जुम्मा ने कबूला है कि 15 जुलाई की रात्रि  दोनों बच्चियों के साथ उसने पूरे परिवार को तीन-चार नींद की गोलियां चाय में मिलकर दी थी। जिसके बाद जब पूरा परिवार बेहोश होकर सो रहा था, तो मध्य रात्रि उसने छोटी बच्ची को आगे बाइक पर तकिया रखकर लेटाया और  दूसरी बच्ची को कपड़े से पीछे पीठ पर बांधकर चल दिया और नींद म्म्में ही बेहोश लड़कियों को नहर में फेंक दिया। 23 जुलाई की रात्रि को जुम्मा ने पुलिस व गांव के जनप्रतिनिधियों के बीच माना है कि इससे पहले भी डेढ़ साल पहले भी उसने अपने दो लड़कों को सल्फास देकर व एक 9 माह की लड़की निशा को आठ साल पहले गला दबाकर हत्या करने की बात कबूली। ऐसे में कलयुगी पिता ने अपने पांचों बच्चों को मौत के घाट उतार दिया। 

एसएचओ धर्मबीर ने कहा कि जुम्मादीन गुमराह में माहिर है। उसकी इस महारत ने प्रशासन, पुलिस व ग्रामीणों को भ्भी कई दिन खूब छकाया है। उसके कारण प्रशासन, पुलिस व ग्रामीण करीब 3 दिनों तक लड़कियों को ढूंढने में लगे रहे। जुम्मादीन ने पहले अपने दोनों बेटियों को नशीला पदार्थ दिया और फिर रात के अंधेर में मोटरसाइकिल पर एक को आगे टंकी पर लिटाकर तथा दूसरी को पीठ पर कपड़े से बांधकर ले जाकर बीएमम्एल नहर में डाल दिया था। 

पुलिस को शुरू से ही परिजनों पर था शक:-
पुलिस को शुरू से ही परिवार के किसी ना किसी सदस्य के इस घटनाक्रम को अंजाम दिए जाने का शक था, लेकिन पुलिस के सामने समस्या यह थी कि एक तरफ तो गांव व परिवार में लड़कियों की मौत का शोक व रोष था और इसी बीच जल्दबाजी में परिवार के किसी सदस्य से पूछताछ करने में दिक्कतें आ सकती है। धीरे-धीरे गांव के लोगों को भी परिवार के लोगों पर ही कहीं ना कहीं शक होने लगा था। गांव के लोगों का शक उस वक्त भी हुआ जब जुम्मादीन शेव करवाकर व नहा धोकर गांव में से गुजरा। लोगों का कहना था कि जिसकी दो-दो बेटियां इस दुनिया से चली गई हो उसका शोकाकुल पिता तरह से तो घूम नहीं सकता। शक गहराने पर इसी गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रमोद कुुमार व अन्य मौजिज लोगों को अकेले जुम्मादीन को बुलाया और उससे अपने स्तर पर पूछताछ की। पंचायत में जुम्मादीन ने हत्याओं के बारे में कुछ राज उगला तो ग्रामीणों ने उसके परिवार के लोगों व रिश्तेदारों को पंख्चायत में ही बुला लिया। सबके सामने जुम्मादीन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके साथ-साथ उसने यह भी कबूल लिया कि इससे पूर्व हुई तीन बच्चों की मौत का गुनाहगार भी वहीं है। उसकी बात सुनकर सभी हक्के-बक्के रह गए। पंचायत ने मामले की सूचना एएपी अजीत सिंह शेखावत को दी और पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान में जुम्मादीन ने कुछ खास नहीं उगला है और वह लगातार पुलिस को भी गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। पूछताछ के दौरान जुम्मादीन लगातार अपने ब्यान बदल रहा है। कभी वह गरीबी के कारण खर्चे का बोझ ना उठा पाने के कारण अपने पांचों बच्चों को मारने तो कभी वह बड़ी तंत्र विद्या हासिल करके डिड़वाड़ा गांव व क्षेत्र का बादशाह बनने की बातें कर रहा है। इसके अलावा भी वह कई तरह से अनाप-शनाप ब्यानबाजी पुलिस के सामने कर रहा है। वहीं इस मामले में पुलिस कैथल के खजान सिंह भी लगातार पूछताछ कर रही है। 

जुम्मादीन ने घर के सामने बिजली मैकेनिक के जाने का किया था इंतजार:-
गांव के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए हत्यारे जुम्मादीन ने अपने घर के सामने एक बिजली मैकेनिक के चले जाने का भी इंतजार किया है। दरअसल खेतों में धान का सीजन के दौरान ट्यूबवैलों की मोटरों में दिक्कतें आ जाती है। इसी को लेकर बिजली मैकेनिकों का कार्य देर रात तक चलता है। जुम्मादीन के घर के आसपास एक बिजली मैकेनिक की भी दुकान है। घटना वाली रात वह मैकेनिक देर रात तक कार्य करता रहा। मैकेनिक ने रात करीब साढ़े 12 बजे अपनी दुकान बंद की। दुकान बंद होने की ताक में जुम्मादीन बैठा था। मैकेनिक कहीं किसी कार्य से वापिस ना आ जाए इसके लिए जुम्मादीन ने करीब 10 से 15 मिनट तक इंतजार की। जब ही उसे लगा कि अब कोई आने वाला नहीं है, उसने तुरंत पहले से ही नशीली दवाईयों के प्रभाव से लोटपोट अपनी दोनों बेटियों को मोटरसाइकिल पर बैठाया। जुम्मादीन ने अपनी एक बेटी को मोटरसाइकिल के आगे तकिया बिछाकर उसपर लिटा लिया और दूसरी बेटी को अपनी पीठ के पीछे कपड़े से बांध लिया और इस शर्मनाक घटना को अंजाम देने के लिए घर से निकल पड़ा। जुम्मादीन ने रात के घोर अंधेर में अपनी मासूम बेटियों को नदी के पानी के हवाले कर दिया। 

जुम्मादीन ने दोनो लड़कियों को दिन में भी दो मारने का किया प्रयास:-
जुम्मादीन के सिर के ऊपर बच्चों को मारने की सनक इस कदर हावी थी कि उसने इस घटना को दिन में भी अंजाम देने का प्रयास किया था, लेकिन उसे कहीं ना कहीं लगा कि दिन में वह शायद पकड़ा जाए। इसलिए उसने रात का समय मुफीद लगा। सूत्रों ने बताया कि जुम्मादीन ने उस दिन दोपहर में ही अपने बच्चों मारने के लिए उन्हे नशीला पदार्थ खिला दिया था। लेकिन वह चाहता था कि इस घटना की किसी को कानोकान खबर ना हो। इसलिए उसने रात को फिर से अपने बच्चों व परिवार के लोगों को नशीला पदार्थ दिया और रात के अंधेर में काली करतूत को अंजाम दिया। 

पुलिस द्वारा आरोपी पिता जुम्मा को कोर्ट में पेश करके तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोप से पूछताछ करेंगी। आखिर उसने अपने पांचों बच्चों की हत्या क्यों की। क्योंकि अब-तक की पूछताछ में जुम्मा पुलिस को गुमराह कर रहा है। जुम्मा हत्या का कारण कभी बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ महसूस करना, तो कभी तांत्रिक के कहने पर बच्चों का मारने की बात कह रहा है। रिमांड लेने की मुख्य वजह सिर्फ कारण जानना है। साथ ही वारदात के दौरान प्रयोग की गई बाइक भी पुलिस बरामद करेंगी। ……. धर्मबीर,एसएचओ सफीदों।

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