सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए आढ़ती व किसान
HARYANA KHAS KHABAR SAFIDON VS NEWS INDIA

आक्रोशित किसानों-आढ़तियों ने नारेबाजी करके मार्केट कमेटी ऑफिस केे बाहर दिया धरना

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – कस्बे की नई अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू ना होने से आक्रोशित आढ़तियों ने बुधवार को सायं को मंडी गेट पर ताला जड़ दिया। आढ़तियों ने सरकारी खरीद एजेंसियों के खिलाफ जमकर रोष व्यक्त किया। आढ़ती के अनुसार मंडी में धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन अभी तक सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद शुरू नहीं की गई है। जिस कारण सफीदों मंडी धान की ढेरों से अटी पड़ी है और किसान के साथ-साथ आढ़ती पूरी तरह परेशान है। तालाबंदी की सूचना पाकर तहसीलदार रामपाल शर्मा, एसएचओ धर्मबीर सिंह, मार्केट कमेटी के सचिव मनोज पाराशर व एएफएसओ सतीश सेतिया मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने आढ़तियों व किसानों को मनाने के प्रयास शुरू किए। अधिकारी खरीद शुरू करवाने की बजाए आढ़तियों व किसानों को मनाकर सिर्फ गेट खुलवाने की दिशा में प्रयास करते हुए नजर आए। बता दें कि इसी महीने की 17 तारीख को भी मंडी की तालाबंदी की थी। जानकारी देते हुए कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान शिवचरण कंसल ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसियों ने आढ़तियों व किसानों को उनके हाल पर छोड़ रखा है। सफीदों अनाज मंडी में करीब 50 से 60 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है लेकिन सरकारी ख्खरीद एजेंसियां उसे खरीद नहीं रही हैं। सरकारी खरीद एजेंसियों के अधिकारी इतने ढीठ किस्म के हो चुके हैं कि पिछली 17 तारीख को मंडी का तालाबंदी किए जाने के बावजूद भी उनके कानो पर कोई जूं नहीं रेंगी। उन्होंने बताया कि जिस दिन सीएम या कोई वीआईपी आया उस दिन तो कुछ क्विंटल धान खरीदा गया और बाकी दिन कोई धान की खरीद नहीं हुई। हरियाणा सरकार किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदने का दावा करती है लेकिन यहां की खरीद एजेंसियों के अधिकारी सरकार के दावों और प्रयासों को पलीता लगाने पर जुटे हुए है।अधिकारियों का यह हाल तब है जब हरियाणा में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। वहीं अन्य आढ़तियों का कहना था कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार मण्डी में धान की खरीद एक अक्तुबर से शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन आज 23 दिन बीत जाने के बावजूद भी खरीद कार्य सुचारु नहीं हो पाया है। आढ़तियों का कहना था कि इस संबंध में आढ़ती खरीद एजेंसियों के अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं लेकिन परिणाम शून्य रहा है, परिणामस्वरूप उन्होंने आज फिर यह तालाबंदी करनी पड़ी है। समाचार लिखे जाने तक मंडी में तालाबंदी जारी थी। अधिकारी किसानों व आढ़तियों को मनाने के प्रयास में लगे थे तो दूसरी ओरआढ़ती व किसान इस बात पर अड़े थे कि जब तक धान की खरीद सुचारू नहीं हो जाती तब तक तालाबंदी खुलने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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मार्केट कमेटी के सचिव मनोज पाराशर ने कहा कि मंडी में पीआर धान की खरीद का काम हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन व हैफेड को सौंपा गया है। एचडब्ल्यूसी ने खरीद की धान की मिलिंग का ठेका भारत राइस मिल को दिया गया था, लेकिन मिल मालिक व उसके भाई के बीच सम्पत्ति का कोई विवाद होने के कारण उसने ऐतराज कर दिया। जिसकी जांच चल रही है। इससे खरीद का काम रूक गया और हैफेड ने अपनी खरीद की धान की मिलिंग का ठेका अंबाला के एक मिल मालिक को दिया है,लेकिन दूसरे जिला मेंमिलिंग का काम कराने की विधिवत अनुमति मुख्यालय से लेनी होती है। जिसकी स्वीकृति आज सायं तक मिलने की उम्मीद है।

मण्डी में तालाबंदी का दृश्य | किसानों से बात करते हुए पुलिस अधिकारी।
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