गर्मी उफान पर, पानी को तरसी तराई
KHAS KHABAR Shravasti Uttar Pradesh VS NEWS INDIA

गर्मी उफान पर, पानी को तरसी तराई

VS News India | Vinay Balmiki | Shravasti : – तराई क्षेत्र को सिंचित बनाने की परियोजनाएं परवान नही चढ़ रही हैं। योजनाएं तमाम बनी लेकिन उनका सही ढंग से क्रियान्वयन न होने और लूट-खसोट के चलते लाभ नही मिला। नतीजा यह है कि भीषण गर्मी के चलते पेयजल संकट गहरा गया है। बावजूद इसके प्रशासन कोई भी इंतजाम करता नही दिख रहा है। एक ओर जहां तालाब और पोखरों के सूखने से जीव-जंतुओं के लिए पेयजल की समस्या है, वहीं दूसरी ओर कम गहराई वाले हैंडपंपो ने भी जवाब दे दिया है। श्रावस्ती जिले में आबादी के इलाके के साथ ही साथ जंगल में भी पेयजल संकट खड़ा हो गया है। जिससे जंगली जीव बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। जंगल मे बने तालाब और पोखरे भीषण गर्मी के चलते पूरी तरह से सूख चुके हैं। नतीजा जंगली जीव पानी के अभाव में गांवों का रुख कर रहे हैं। जहां उन्हें अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ रहा है। जगंल में पानी की समस्या बीते कुछ वर्षों से रही है। लेकिन अफसोस कि इस समस्या के समाधान की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नही जा रहा है।जिले के जंगलों मे रहने वाले जीवों को पानी की समस्या न हो इसके लिए करीब चार दशक पूर्व रजिया ताल, रामपुर बांध, चांदीगढ़ी तालाब के अलावा गुलरा, जुड़पनिया, बनकटवा के जंगल में भी तालाब बनवाये गए थे। यही नही तमाम छोटे-छोटे तालाबो और पोखरों का भी निर्माण कराया गया था। लेकिन बरसात कम होने व लगातार चढ़ते पारे की वजह से यह सभी सूखते गए। यहां का जलस्तर भी तकरीबन 25 फिट से नीचे जा चुका है। इसका असर इंसान ही नही पशु-पक्षियों पर भी देखा जा सकता है। सूखे जलाशय मुश्किलें बढ़ा रहे हैं।

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