अनिल मलिक
HARYANA SAFIDON VS NEWS INDIA

अनिल मलिक द्वारा ऑनलाइन सेमिनार को संबोधित किया।

VS News India | Reporter – Sanju | Safidon : – कस्बे के न्यू बीएसएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पंजीकृत बच्चों एवं उनके अभिभावकों को मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी , रोहतक व हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की महत्वाकांक्षी परियोजना बाल सलाह, परामर्श व कल्याण केंद्रों के नोडल अधिकारी अनिल मलिक द्वारा ऑनलाइन सेमिनार को संबोधित किया।
राज्य भर के लोगों जो स्कूल फेसबुक पेज के साथ जुड़े हुए थे , उन्हें भी जागरूक किया। मलिक ने कहां की पूरे राष्ट्र में वर्तमान हालात में कोविड-19 कोरोना संक्रमण के प्रभाव के कारण लॉक डाउन की परिस्थिति कायम है l इस दौर में सभी शैक्षणिक संस्थाएं बच्चों को बेहतर पाठ्यक्रम, नैतिक मूल्य व मनोवैज्ञानिक शिक्षा के माध्यम से घर बैठे लाभान्वित कर रही है l इसी कड़ी में हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा अपनी विभिन्न कार्य योजनाओं के माध्यम से सर्जनात्मक तौर-तरीके अपनाए जा रहे हैं l लोक डाउन के दौरान मनोवैज्ञानिक सलाह इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है , क्योंकि बच्चों के साथ-साथ अभिभावक व आम जनमानस चिंता, तनाव ,मानसिक दबाव ,व द्वंद के दौर से गुजर रहा है l
अगर समय रहते उन्हें तथ्यों सहित जागरूक किया जाए तो भविष्य की कार्य योजनाओं के लिए तथा वर्तमान जीवन में लाभकारी सिद्ध हो सकता है l अनिल मलिक ने बताया कि किसी भी तरह का अति उत्साह, लापरवाही ,नजरअंदाजी ,व बेपरवाही अच्छी बात नहीं है l सरकार व प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा – निर्देशों की अनुपालना अति आवश्यक है l शैक्षणिक संस्थान इस दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं l लोगों का नजरिया सर्जनात्मक व रचनात्मक कार्य शैली ,व्यवहारात्मक तौर तरीके, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं l सहयोगी मनोभाव, दृढ़ इच्छाशक्ति ,सशक्त इरादा हर इंसान का होना चाहिए l विशेष तौर से बदलती उम्र के दौरान माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधि ,उनके व्यवहार पर गौर करना चाहिए l परिवर्तनशील समय में एक सहयोगी की भूमिका, मित्र, दार्शनिक व मार्गदर्शन के तौर पर निभानी चाहिए l प्रजातंत्र के सख्त नियमों से कानून की अनुपालना सुनिश्चित करना थोड़ा कठिन है l तरीका सिर्फ एक ही है कि हर इंसान की सोच ,मानसिकता में बदलाव आए इसलिए ऐसे प्रयास पहले खुद करनी चाहिए तदोपरांत दूसरों को संबंधित परिवर्तन हेतु समझ दी जानी चाहिए और यह तब कारगर होगा जब व्यवहारिक तौर तरीके अपनाएंगे l कोरोना से हमारा संघर्ष आसान हो सकता है, यदि दृढ़ता से हम निर्णय लें कि स्वच्छता,सतर्कता, शारीरिक दूरी l सिर्फ इस संघर्ष से सफलतापूर्वक बाहर आने का यही कारगर हथियार साबित हो सकता है l आज के कार्यक्रम के आयोजन में स्कूल प्रबंधक अरुण खर्ब व अनिल खर्ब की भूमिका अति सराहनीय रही ।

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