तटबन्धों पर पैनी नजर रखने का दिया निर्देश
KHAS KHABAR Shravasti Uttar Pradesh VS NEWS INDIA

मंत्री ने अधिशाषी अभियन्ता बाढ़ को तटबन्धों पर पैनी नजर रखने का दिया निर्देश

VS News India | Vinay Balmiki | Shravasti : – श्रावस्ती । प्रदेश सरकार बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिये हमेशा प्रतिबद्ध है तथा दुख-दर्द में उनके साथ है इसके लिये सरकार द्वारा बरसात आने के पूर्व ही निर्देश जारी किये गये थे ताकि यदि बाढ़ आ भी जाती है तो बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत मुहैया कराई जा सके। प्रदेश सरकार हर संभव सहायता मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए बाढ़ राहत में लगे सभी सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ के दौरान बाढ़ पीडितों को समय से सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं को मुहैया करावें और यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि संभावित बाढ़ आने पर कोई भी बाढ़ पीडित राहत सामग्रियों से वंचित न रहने पावे। उक्त विचार तहसील तहसील जमुनहा के विभिन्न बाढ़ ग्रस्त गावों का जायजा लेने के दौरान राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार), एन0आर0आई0, बाढ़ नियत्रंण, कृषि निर्यात, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण, श्रीमती स्वाती सिंह ने दिया है। मा0 मंत्री जी ने जोर देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत देना तथा मदद करना बहुत बडा पुनीत कार्य है इसलिए सभी अधिकारियों/कर्मचारियों का धर्म बनता है कि इस आपदा की घडी में वे बाढ़ पीड़ितों की मदद करें। मा0 मंत्री ने लक्ष्मनपुर कोठी राप्ती बैराज, कलकलवा तटबन्ध, मधवापुर घाट/पुल एवं लक्ष्मनुपर से सेमरहनिया तटबन्ध का निरीक्षण किया तथा कराये गये मरम्मत कार्य का जायजा लेने के साथ ही गत दिनों आई बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन द्वारा चलाये गये राहत एवं बचाव कार्य के बारे में क्षेत्रवासियों से जानकारी ली।वंही पर उपस्थित अधिशाषी अभियन्ता बाढ़ कार्य खण्ड को निर्देश दिया कि राप्ती नदी के किनारे बाढ़ से बचाव हेतु बनाये गये तटबन्धों पर पैनी नजर रखी जाये तथा यदि कंही मरम्मत की आवश्यकता है तो उसे पूरे गुणवत्ता से पूरा किया जाये और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलिता कदापि न बरती जाये नही तो निश्चित ही कार्यवाही होगी। निरीक्षण के दौरान वंही पर उपस्थित उप जिलाधिकारी जमुनहा मायाशंकर यादव ने मंत्री को अवगत कराया कि गत दिवस 14 जुलाई को लक्ष्मनपुर राप्ती बैराज पर खतरे का जलस्तर 127.700 मी0 से बढ़कर 128.460 मी0 तथा भाकला सेतु पर खतरे का जलस्तर 118.500 मी0 से बढ़कर 119.100 मी0 हो गया था जिससे जिले के कुछ मजरे प्रभावित होने पर जिला प्रशासन द्वारा सभी गांव-गांव में कैम्प करके जनता को सावधानी बरतने की अपील की गई तथा उन्हे राहत सामग्री मुहैया कराया गया। जिले के सभी बाढ़ चैकियों से बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई इस दौरान राहत कार्य में एक प्लाटून एन0डी0आर0एफ0 टीम, 04 मोटर बोट सहित तथा 32वीं वाहिनी पी0ए0सी0 की एक प्लाटून, 03 मोटर बोटर बोटों सहित 24 घण्टे निगरानी की गई तथा जरूरत मन्द बाढ़ पीड़ितों की मदद की गई और 15 जुलाई को बाढ़ का पानी कम हो गया तथा खतरे के निशान से जलस्तर कम हो गया और बाढ़ पीड़ितों को राहत मिल गई। उप
जिलाधिकारी ने मंत्री जी को आश्वस्त किया कि सम्भावित बाढ़ आने पर राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है इसके लिए सभी तैयारियां युद्धस्तर पर पूर्व में ही कर ली गई है यंहा तक कि बाढ़ चैकियों का संचालन, जिला स्तर पर कन्ट्रोल रूम की व्यवस्था, राहत कार्यों हेतु नावों की व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, पशु चारे की व्यवस्था, नाव, मोटर बोट एवं बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों हेतु एन0डी0आर0एफ0 टीम की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित है।निरीक्षण के दौरान जिलाध्यक्ष शंकर दयाल पाण्डेय, तहसीलदार जमुनहा, नायब तहसीलदार जमुनहा जानकी प्रसाद शुक्ला, पुलिस क्षेत्राधिकारी जमुनहा हौसला प्रसाद, जिला उपाध्यक्ष महेश मिश्रा ओम, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि दिनेश चन्द्र, थाना प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र पाण्डेय उपस्थित र

371
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *